सफर होगा आधे समय में पूरा
इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद पटना से पूर्णिया तक का सफर, जो अभी लगभग 6 से 7 घंटे का है, घटकर करीब 3 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यात्रा भी अधिक आरामदायक बनेगी।
282 किलोमीटर लंबा प्रोजेक्ट
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे करीब 282 किलोमीटर लंबा होगा और इसे 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे के रूप में विकसित किया जा रहा है।
डिजाइन स्पीड: 120 किमी/घंटा
अनुमानित लागत: लगभग 18,000 करोड़ रुपये
इन जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
यह एक्सप्रेस-वे वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा जैसे जिलों से होकर गुजरेगा। इससे खासतौर पर कोसी और सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी भी होगी बेहतर
इस परियोजना की एक खास बात यह है कि इसे पूर्णिया हवाई अड्डे से भी जोड़ा जाएगा। इससे सड़क और हवाई यात्रा के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
इसमें मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण
एक्सप्रेस-वे के तहत कई बड़े निर्माण कार्य किए जाएंगे: 21 बड़े पुल, 140 छोटे पुल, 11 रेलवे ओवरब्रिज, 21 इंटरचेंज, 32 अंडरपास। इन सुविधाओं से यातायात सुचारु रहेगा और दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है।
कब से शुरू होगा इस परियोजना का निर्माण?
परियोजना को वर्ष 2025 में अंतिम मंजूरी मिल चुकी है और फिलहाल भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी है। निर्माण कार्य 2025 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। लक्ष्य वर्ष 2028 तक पूरा करना हैं। यह परियोजना बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है और खासकर सीमांचल व कोसी क्षेत्र की तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभाएगी।

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