जून तक चालू होगा पुल, दिसंबर तक पूरा प्रोजेक्ट
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण तेजी से चल रहा है। सड़क निर्माण का कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि गंगा नदी पर बन रहा पुल अगले वर्ष जून तक यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। करीब 3929 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना बिहार की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकती है।
44 पिलर तैयार, तेजी से बढ़ रहा काम
इंजीनियरों ने पुल के सभी 44 पिलरों का निर्माण पूरा कर लिया है। अब पिलरों के ऊपर सुपर स्ट्रक्चर तैयार करने का काम तेजी से जारी है। दोनों किनारों बख्तियारपुर और समस्तीपुर से निर्माण कार्य संतोषजनक गति से आगे बढ़ रहा है। इस पुल के बन जाने से महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु पर लंबे समय से पड़ रहे यातायात के दबाव में कमी आने की उम्मीद है।
NH-31 और NH-28 को जोड़ेगा मार्ग
यह फोरलेन सड़क बख्तियारपुर में एनएच-31 से शुरू होकर ताजपुर (समस्तीपुर) में एनएच-28 से जुड़ेगी। परियोजना के कुछ हिस्सों का काम पहले ही पूरा हो चुका है, जबकि बाकी हिस्सों में तेजी से निर्माण जारी है। इससे मुजफ्फरपुर, बेगूसराय और समस्तीपुर की ओर से आने वाले वाहनों को पटना और दक्षिण बिहार जाने के लिए एक नया और तेज विकल्प मिलेगा।
समय और ईंधन दोनों की होगी बचत
इस नए मार्ग के चालू होने से यात्रियों को लंबी दूरी तय करने में कम समय लगेगा। साथ ही, ट्रैफिक जाम से राहत मिलने के कारण ईंधन की खपत भी कम होगी।
व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक विकास का नया मार्ग भी बनेगी। मिथिलांचल और मगध क्षेत्र के बीच संपर्क मजबूत होगा, नेपाल और झारखंड के बीच व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी, धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों तक पहुंच आसान होगी।

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