बीमा सखी योजना की रूपरेखा
बीमा सखी बनने वाली महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा और पॉलिसी कराने पर कमीशन दिया जाएगा। इसके साथ ही पहले तीन वर्षों के लिए नियमित स्टाइपेंड भी मिलेगा।
पहला वर्ष: हर महीने 7,000 रुपये
दूसरा वर्ष: हर महीने 6,000 रुपये
तीसरा वर्ष: हर महीने 5,000 रुपये
त्रिपक्षीय समझौता
योजना को साकार करने के लिए UPSRLM ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ त्रिपक्षीय समझौता किया है। स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्हें बीमा सखी के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
वर्तमान स्थिति और लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 5,000 बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 3,397 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 672 महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया है और 469 उम्मीदवारों ने लाइसेंसिंग परीक्षा पास कर आधिकारिक रूप से बीमा सखी बन गई हैं। UPSRLM का उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2027-28 तक 57,000 बीमा सखियों की संख्या पूरी करना है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का मौका मिलेगा।
महिलाओं के लिए अवसर
बीमा सखी बनने से महिलाओं को न केवल नियमित आय का स्रोत मिलेगा, बल्कि वे अपने पंचायत और समुदाय में वित्तीय शिक्षा और सुरक्षा का संदेश भी फैलाएंगी। यह योजना महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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