जाम की समस्या से छुटकारा
अभी यह मार्ग टू-लेन होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर त्योहारों और धार्मिक अवसरों पर वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। फोरलेन बनने के बाद यातायात सुगम होगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है।
धार्मिक दृष्टि से भी अहम मार्ग
यह सड़क केवल आवागमन के लिहाज से ही नहीं, बल्कि धार्मिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण है। कांवड़ यात्रा, गंगा स्नान और अन्य पर्वों के दौरान हजारों श्रद्धालु इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क चौड़ी होने से श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
110 करोड़ रुपये से होगा निर्माण
राज्य सरकार ने इस परियोजना के लिए करीब 110 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। सड़क को चौड़ा करने के साथ बीच में डिवाइडर बनाया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।
गांवों और कस्बों को मिलेगा फायदा
इस सड़क परियोजना का लाभ आसपास के 50 से अधिक गांवों और कस्बों को मिलेगा। इससे करीब 5 लाख से ज्यादा लोगों की आवाजाही आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली-एनसीआर से कनेक्टिविटी होगी बेहतर
फोरलेन बनने के बाद यह मार्ग दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड के बीच एक अहम कड़ी बन जाएगा। हल्द्वानी, नैनीताल और काशीपुर जैसे शहरों की यात्रा आसान होगी और समय में भी कमी आएगी।

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