IPL में अब ‘बिड़ला vs अंबानी’! क्रिकेट के मैदान पर छिड़ेगी अरबपतियों की जंग

नई दिल्ली। भारत में कारोबार की दुनिया में टॉप घरानों के बीच मुकाबला कोई नई बात नहीं है। टाटा ग्रुप, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडानी ग्रुप और आदित्य बिड़ला ग्रुप जैसे बड़े नाम हर सेक्टर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहे हैं। लेकिन अब यह कॉर्पोरेट राइवलरी क्रिकेट के सबसे बड़े मंच इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) तक पहुंच गई है।

क्रिकेट में बदला पावर गेम

अब तक IPL में सबसे मजबूत पकड़ मुकेश अंबानी के परिवार की मानी जाती थी, जो मुंबई इंडियंस के मालिक हैं। इस टीम को नीता अंबानी और आकाश अंबानी संभालते हैं और यह IPL की सबसे सफल फ्रेंचाइजियों में गिनी जाती है। लेकिन अब एंट्री हुई है कुमार मंगलम बिड़ला की, जिन्होंने क्रिकेट बिजनेस में बड़ा दांव खेलते हुए खेल का पूरा समीकरण बदल दिया है।

RCB डील ने मचा दी हलचल

आदित्य बिड़ला ग्रुप समेत कई बड़े निवेशकों के कंसोर्टियम ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) को भारी-भरकम रकम में खरीद लिया है। इस डील की खास बात इसकी वैल्यूएशन है, जो करीब 1.78 बिलियन डॉलर (लगभग 16,500 करोड़ रुपये) बताई जा रही है। यह सिर्फ एक खरीद नहीं, बल्कि IPL इतिहास की सबसे बड़ी डील्स में से एक मानी जा रही है। इससे यह साफ हो गया कि अब क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक हाई-वैल्यू बिजनेस प्लेटफॉर्म बन चुका है।

अंबानी से आगे कैसे निकले बिड़ला?

दिलचस्प बात यह है कि इस डील के बाद RCB की वैल्यूएशन, मुंबई इंडियंस से भी ज्यादा बताई जा रही है। यानी मैदान में उतरे बिना ही बिड़ला ग्रुप ने वैल्यू के मामले में अंबानी को पीछे छोड़ दिया। हालांकि, मुंबई इंडियंस के पास ट्रॉफियों का मजबूत रिकॉर्ड है, लेकिन बिड़ला की एंट्री ने फाइनेंशियल गेम को पूरी तरह बदल दिया है। अब मुकाबला सिर्फ रन और विकेट का नहीं, बल्कि ब्रांड वैल्यू और ग्लोबल इन्फ्लुएंस का भी होगा।

क्यों खास है यह एंट्री?

IPL आज दुनिया की सबसे महंगी और लोकप्रिय क्रिकेट लीग बन चुकी है। इसमें निवेश करना सिर्फ स्पोर्ट्स नहीं, बल्कि एंटरटेनमेंट, मीडिया और ग्लोबल ब्रांडिंग का हिस्सा है। ऐसे में बिड़ला ग्रुप की एंट्री यह दिखाती है कि बड़े कारोबारी घराने अब खेल को भी एक रणनीतिक निवेश के रूप में देख रहे हैं।

0 comments:

Post a Comment