कैसे होगा आरक्षण लागू
नई व्यवस्था में लोकसभा और सभी राज्य विधानसभा की सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी। कुल सीटों में लगभग 50% की बढ़ोतरी के बाद महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू किया जाएगा। सरकार ने यह तय किया है कि किस सीट पर महिला आरक्षण लगेगा, इसके लिए लॉटरी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। चुनी हुई सीटों पर यह आरक्षण 15 साल तक लागू रहेगा और उसके बाद इसे अन्य सीटों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
राजनीतिक समर्थन जरूरी
सरकार ने विधेयक को पारित कराने के लिए विभिन्न विपक्षी नेताओं से बैठक की। समाजवादी पार्टी, एनसीपी, शिवसेना और एआईएमआईएम के नेता इसमें शामिल रहे। दक्षिण भारत के दल जैसे टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस ने भी इस योजना का समर्थन किया है।
एससी और एसटी सीटों में भी महिला आरक्षण
दरअसल महिला आरक्षण केवल सामान्य वर्ग तक सीमित नहीं होगा। अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित सीटों में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू होगा। उदाहरण के लिए, वर्तमान में लोकसभा में 84 एससी सीटें आरक्षित हैं, जो नई व्यवस्था में बढ़कर 136 होंगी। इसी प्रकार, एसटी सीटों की संख्या 47 से बढ़कर 70 हो जाएगी। इन सीटों पर भी महिला आरक्षण लागू होगा, जिससे आरक्षण का वितरण वर्ग के अनुसार भी संतुलित रहेगा।

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