700 किमी से ज्यादा लंबा होगा एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे लगभग 700 से 750 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है और इसे 6-लेन हाईवे के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बन जाने से यात्रा दूरी करीब 200 किलोमीटर तक कम हो जाएगी, जिससे लोगों का समय और खर्च दोनों बचेंगे।
22 जिलों से होकर गुजरेगा मार्ग
यह एक्सप्रेस-वे गोरखपुर से शुरू होकर शामली तक जाएगा और रास्ते में कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ेगा। इनमें संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बहराइच, बरेली, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर और मुजफ्फरनगर जैसे जिले शामिल हैं। इससे प्रदेश के कुल 22 जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
बड़े एक्सप्रेस-वे से होगा कनेक्शन
इस परियोजना की खास बात इसकी मजबूत कनेक्टिविटी है। यह एक्सप्रेस-वे कई प्रमुख हाईवे से जुड़ेगा, जैसे: गंगा एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे। इससे प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच और भी आसान हो जाएगी।
कृषि और उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस एक्सप्रेस-वे के बनने से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूती मिलेगी, नए उद्योग और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
निर्माण और वर्तमान स्थिति
इस परियोजना का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाएगा। फिलहाल भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया (2025-26) के तहत तेजी से काम चल रहा है। अनुमान है कि निर्माण कार्य 2026-27 के दौरान शुरू हो सकता है।
0 comments:
Post a Comment