यूपी-बिहार से गुजरेगा 6-लेन एक्सप्रेस-वे, इन जिलों को खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाली एक अहम इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को केंद्र सरकार से बड़ी मंजूरी मिल गई है। वाराणसी से कोलकाता तक बनने वाली 6-लेन एक्सप्रेसवे (एनएच 319बी) के दो अटके हुए पैकेज अब एक कर दिए गए हैं, जिससे परियोजना को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

अधर में फंसे पैकेज को मिली मंजूरी

इस सड़क परियोजना में कुल कई पैकेज शामिल हैं, जिनमें से कुछ हिस्सों पर काम पहले से जारी है। लेकिन रोहतास जिले से जुड़े दो पैकेज लंबे समय से अटके हुए थे। अब केंद्र सरकार ने इन्हें एकीकृत करते हुए वित्तीय मंजूरी दे दी है, जिससे निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा।

सासाराम से होकर बदला रूट

पहले इस हिस्से में वन क्षेत्र के कारण टनल बनाने की योजना थी, लेकिन वन विभाग की अनुमति न मिलने और लागत बढ़ने की वजह से डिजाइन में बदलाव किया गया। अब सड़क को सासाराम शहर के पास से निकाला जाएगा। इससे रूट की लंबाई में लगभग 15 किलोमीटर का इजाफा हो गया है।

कई राज्यों को जोड़ेगा यह हाईवे

यह एक्सप्रेसवे बिहार को उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से जोड़ने का काम करेगा। इसका एक हिस्सा यूपी के चंदौली से शुरू होता है और कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जैसे जिलों से होकर गुजरता है। साथ ही झारखंड के कुछ जिलों को जोड़ते हुए बंगाल जाता हैं।

पुल और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा निवेश

इस परियोजना के तहत सोन नदी पर करीब 3.5 किलोमीटर लंबा बड़ा पुल भी बनाया जाएगा। इसके अलावा 6 छोटे पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है। पूरी सड़क परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 2897 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

जमीन अधिग्रहण और तकनीकी तैयारी

इस एक्सप्रेसवे के लिए लगभग 310 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी, जिसमें सरकारी और निजी दोनों तरह की जमीन शामिल है। डिजाइन में बदलाव के बाद अब निर्माण कार्य को तेज करने की तैयारी की जा रही है। यह परियोजना यूपी और बिहार के कई जिलों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।

0 comments:

Post a Comment