यूपी में अब 'खतौनी' मिलेगा ऑनलाइन, इस जिले के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड सिस्टम में बड़ा बदलाव किया गया है। अब लोगों को खतौनी, बंदोबस्त और अन्य राजस्व दस्तावेजों के लिए तहसील या कलेक्ट्रेट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिला प्रशासन ने सभी रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल कर ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कर दी है।

5 तहसीलों के 898 गांवों का डेटा हुआ डिजिटल

लखनऊ जिले की सभी पांच तहसीलों सदर, मलिहाबाद, मोहनलालगंज, बीकेटी और सरोजनीनगर के रिकॉर्ड को डिजिटल किया गया है। इसके तहत कुल 898 गांवों के भूमि संबंधी दस्तावेजों को स्कैन कर ऑनलाइन सिस्टम में शामिल किया गया है। इस प्रक्रिया में खतौनी, अधिकार अभिलेख, बंदोबस्त रिकॉर्ड और चकबंदी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं, जिन्हें अब आसानी से डिजिटल माध्यम से देखा जा सकता है।

22 लाख से ज्यादा रिकॉर्ड हुए ऑनलाइन

जिला प्रशासन के अनुसार, लगभग 22.51 लाख दस्तावेजों को स्कैन और डिजिटाइज किया गया है। यह कदम न केवल प्रशासनिक कामकाज को तेज करेगा बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ाएगा।

15 अप्रैल से पूरी तरह ऑनलाइन लागू

नई व्यवस्था के तहत 15 अप्रैल से सभी प्रमाणित राजस्व अभिलेख केवल ऑनलाइन ही जारी किए जाएंगे। अब किसी भी प्रकार के दस्तावेज के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

खास वेबसाइट से मिलेगा रिकॉर्ड

लोग अब अपने भूमि संबंधी दस्तावेज https://lucknowbhulekh.in  के जरिए घर बैठे देख और डाउनलोड कर सकेंगे। यह पोर्टल सभी प्रमाणित प्रतियों को उपलब्ध कराएगा। ऑनलाइन रिकॉर्ड सिस्टम से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि धोखाधड़ी की संभावनाएं भी कम होंगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से पुराने कागजात के खोने या खराब होने की समस्या भी खत्म हो जाएगी।

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