20 सदस्यीय टीम संभालेगी जिम्मेदारी
आयोग में चेयरपर्सन, सदस्य, सदस्य सचिव और विभिन्न विभागों के अधिकारी मिलाकर करीब 20 लोगों की टीम शामिल है। यही समूह मिलकर वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्ताव तैयार करेगा। विशेषज्ञों की यह टीम आर्थिक स्थिति, महंगाई और सरकारी खर्च जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सुझाव देगी।
सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव की संभावना
8वें वेतन आयोग से सबसे बड़ी उम्मीद वेतन में सुधार को लेकर है। माना जा रहा है कि मौजूदा वेतन ढांचे की समीक्षा कर कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी पर विचार किया जा सकता है। इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
ओल्ड पेंशन स्कीम पर भी चर्चा
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली का मुद्दा भी आयोग के सामने अहम रहेगा। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय केवल आयोग की सिफारिशों के बाद ही सरकार की मंजूरी से लागू हो सकेगा। यानी OPS को लेकर अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं है।
सुझाव देने की प्रक्रिया जारी
कर्मचारी संगठनों और हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया चल रही है। 30 अप्रैल 2026 तक मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि तय की गई है। इसी आधार पर आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा।
तय समय में आएगी रिपोर्ट
सरकार की मंजूरी के बाद आयोग को लगभग 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें देनी होंगी। इसके बाद ही सैलरी और पेंशन में संभावित बदलावों की दिशा तय होगी। देशभर के केंद्रीय कर्मचारी अब आयोग की रिपोर्ट पर नजर लगाए हुए हैं। उम्मीद की जा रही है कि यह वेतन आयोग उनकी आय और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में महत्वपूर्ण सुधार ला सकता है।

0 comments:
Post a Comment