निर्यात में दो अंकों की शानदार बढ़त
ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारत का समुद्री उत्पाद निर्यात 15% से अधिक बढ़कर लगभग ₹72,325 करोड़ (8.28 अरब डॉलर) तक पहुंच गया है। वहीं निर्यात की मात्रा भी बढ़कर 19.32 लाख टन हो गई है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में स्पष्ट वृद्धि को दर्शाता है, जब निर्यात लगभग ₹62,408 करोड़ था।
झींगा बना निर्यात का सबसे बड़ा आधार
भारत के सीफूड निर्यात में सबसे अहम भूमिका फ्रोजन झींगा की रही है। यह कुल निर्यात का बड़ा हिस्सा बनाकर सबसे ज्यादा कमाई कराने वाला उत्पाद साबित हुआ है। झींगा की मांग अंतरराष्ट्रीय बाजारों में लगातार बनी हुई है, जिससे भारत को मजबूत विदेशी मुद्रा प्राप्त हो रही है।
अमेरिका में गिरावट, लेकिन अन्य बाजारों ने संभाला
हालांकि अमेरिका, जो भारत का सबसे बड़ा बाजार है, वहां निर्यात में गिरावट दर्ज की गई है। टैरिफ और व्यापारिक नीतियों के कारण वहां मांग में कमी आई, लेकिन इस नुकसान की भरपाई चीन, यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे नए बाजारों ने कर दी।
सीफूड निर्यात में नए बाजारों में तेज वृद्धि से बढ़े अवसर
भारत के लिए चीन और यूरोपीय संघ बड़े अवसर के रूप में उभरे हैं। इन क्षेत्रों में निर्यात में 20% से लेकर 35% से अधिक तक की वृद्धि दर्ज की गई है। दक्षिण-पूर्व एशिया और जापान जैसे बाजारों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला है, जिससे भारत की वैश्विक हिस्सेदारी और मजबूत हुई है।

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