कृषि भवन में आयोजित वर्चुअल बैठक में ओडिशा सरकार के कृषि विभाग और केंद्र के बीच विस्तृत चर्चा के बाद यह मंजूरी दी गई। सरकार का लक्ष्य है कि किसानों को सीधा लाभ मिले और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो। खरीद प्रक्रिया को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-आशा) के तहत अगले 90 दिनों में पूरा करने की योजना है। इसके लिए डिजिटल प्रणाली का उपयोग किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
मूंग
स्वीकृत खरीद: 34,492 मीट्रिक टन
अनुमानित मूल्य: लगभग 302.42 करोड़ रुपये
असर: मूंग उत्पादक किसानों को स्थिर कीमत और सुरक्षित बिक्री का भरोसा मिलेगा, जिससे उनकी आय में सुधार होगा।
उड़द
स्वीकृत खरीद: 1,19,387 मीट्रिक टन
अनुमानित मूल्य: लगभग 931.21 करोड़ रुपये
असर: सबसे बड़ी खरीद उड़द की हुई है, जिससे दाल उत्पादकों को बड़ा आर्थिक सहारा मिलेगा और बाजार जोखिम कम होगा।
मूंगफली
स्वीकृत खरीद: 20,219 मीट्रिक टन
अनुमानित मूल्य: लगभग 146.85 करोड़ रुपये
असर: तिलहन किसानों को खुले बाजार की कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और उन्हें बेहतर समर्थन मिलेगा।
सूरजमुखी
स्वीकृत खरीद: 2,210 मीट्रिक टन
अनुमानित मूल्य: लगभग 17.06 करोड़ रुपये
असर: सूरजमुखी की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को वैकल्पिक फसल से आय का नया स्रोत मिलेगा।
सरसों
स्वीकृत खरीद: 4,964 मीट्रिक टन
अनुमानित मूल्य: लगभग 30.77 करोड़ रुपये
असर: सरसों उत्पादकों को सरकारी खरीद का सीधा फायदा मिलेगा, जिससे तिलहन उत्पादन को मजबूती मिलेगी।
पारदर्शी व्यवस्था पर जोर
सरकार ने साफ किया है कि खरीद केवल वास्तविक किसानों से ही होगी। इसके लिए PoS आधारित डिजिटल सिस्टम अपनाया जा रहा है, जिससे फसल की ट्रैकिंग और भुगतान प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी हो सके। यह फैसला ओडिशा के हजारों किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा लेकर आया है। अब उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए अनिश्चितता का सामना नहीं करना पड़ेगा और उन्हें सरकारी MSP का पूरा लाभ मिलेगा।

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