CM सम्राट चौधरी का ऐलान: बिहारवासियों के लिए 7 बड़ी खुशखबरी

पटना। पटना के अधिवेशन भवन में गुरुवार को एक उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के सभी जिलों के डीएम और एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। बैठक में शासन व्यवस्था को ज्यादा तेज, पारदर्शी और जनता-केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया।

पंचायत स्तर पर जनता की सुनवाई होगी आसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब पंचायत स्तर पर लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने दो विशेष दिन तय किए जाएंगे। पहले और तीसरे मंगलवार को 'सहयोग शिविर' लगाकर आम जनता की शिकायतें सुनी जाएंगी और उन्हें अधिकतम 30 दिनों के भीतर हल करना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में ही समस्याओं का निपटारा सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को जिला स्तर तक न भटकना पड़े।

अफसरों को सख्त हिदायत: लापरवाही नहीं चलेगी

सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, अपराध और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का असली लाभ तभी दिखेगा जब उसे सही समय पर और सही तरीके से जमीन पर लागू किया जाएगा।

जनसुनवाई के लिए तय हुआ समय

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि सभी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक हर दिन सुबह 10 बजे से 1 बजे तक अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से मौजूद रहेंगे और जनता की समस्याओं को सीधे सुनेंगे। उन्होंने कहा कि प्रशासन का व्यवहार सहयोगी होना चाहिए, बाधा डालने वाला नहीं।

ब्लॉक और थानों की होगी निगरानी

सरकार अब ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर की गतिविधियों पर रोजाना नजर रखेगी। इसके लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इसके अलावा सभी थानों और सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे ताकि पारदर्शिता बढ़े और किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लग सके।

महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस

महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने 'पुलिस दीदी' पहल को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए, ताकि महिलाएं पुलिस से सहजता से जुड़ सकें।

अस्पतालों में इलाज सुधारने पर जोर

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करने की प्रवृत्ति को खत्म किया जाए। जिला अस्पतालों को जल्द बेहतर बनाया जाएगा और 15 अगस्त तक अनुमंडल अस्पतालों की सुविधाएं भी मजबूत की जाएंगी, ताकि मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव

सरकार ने राज्य के हर प्रखंड में मॉडल स्कूल विकसित करने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। इन स्कूलों को नेतरहाट और सिमुलतला विद्यालय की तर्ज पर आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र बनाया जाएगा।

0 comments:

Post a Comment