ईरान की बढ़ी टेंशन! अमेरिका ने दिखाई ताकत, तैनात की JASSM-ER मिसाइलें

न्यूज डेस्क। अमेरिका द्वारा उन्नत लंबी दूरी की JASSM-ER मिसाइलों की तैनाती के फैसले ने ईरान के साथ संभावित टकराव की आशंकाओं को तेज कर दिया है। सैन्य विशेषज्ञ इसे रणनीतिक दबाव बनाने की बड़ी कार्रवाई मान रहे हैं, जिसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, JASSM-ER अमेरिका की अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली है, जिसकी मारक क्षमता 900 किलोमीटर से अधिक मानी जाती है। यह मिसाइल दुश्मन के ठिकानों को दूर से ही सटीकता के साथ निशाना बनाने में सक्षम है, जिससे हमलावर विमान को जोखिम कम रहता है।

यह मिसाइलें F-15E Strike Eagle, F-16 Fighting Falcon जैसे लड़ाकू विमानों के साथ-साथ B-1B Lancer, B-2 Spirit और B-52H Stratofortress जैसे भारी बमवर्षकों से भी दागी जा सकती हैं। इसकी क्षमता लगभग 1,000 पाउंड के वॉरहेड को ले जाकर सटीक लक्ष्य भेदने की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अपने JASSM-ER मिसाइल भंडार का बड़ा हिस्सा सक्रिय उपयोग के लिए तैयार कर रहा है। यह कदम इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन किसी भी संभावित सैन्य स्थिति के लिए पूरी तरह सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलों की तैनाती केवल रक्षा नहीं, बल्कि स्पष्ट रणनीतिक संदेश भी है।

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में ईरान को दी गई चेतावनी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने ईरान को सीमित समय में निर्णय लेने की बात कही, जिससे कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ गया है। JASSM-ER मिसाइलों का निर्माण लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया जाता है। 

पिछले दो दशकों में यह मिसाइल प्रणाली अमेरिकी सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। इसकी खासियत यह है कि यह दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली से दूर रहकर भी सटीक हमला करने में सक्षम है, जिससे ऑपरेशन की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

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