क्या है नया नियम?
केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार, सभी कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को हर वर्ष योग्यता-आधारित कोर्स पूरे करने होंगे। ये कोर्स एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म iGOT पर उपलब्ध होंगे। इन कोर्सों को कर्मचारी की भूमिका और पद के अनुसार तय किया जाएगा। यानी हर कर्मचारी को उसके काम से जुड़ी स्किल्स को मजबूत करने के लिए ट्रेनिंग लेनी होगी।
मंत्री ने क्या कहा?
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने हाल ही में राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि यह व्यवस्था सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों (MDOs) तथा कैडर नियंत्रण प्राधिकरणों (CCAs) के अंतर्गत लागू होगी। उनका कहना है कि यह कदम कर्मचारियों की दक्षता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए अहम है।
कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा असर?
इस फैसले का सीधा असर कर्मचारियों के करियर पर पड़ेगा। अब केवल अनुभव ही नहीं, बल्कि सीखने और खुद को अपडेट रखने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। प्रमोशन और अप्रेजल में ट्रेनिंग का बड़ा रोल होगा। कर्मचारियों को नई तकनीक और कार्यशैली सीखने का मौका मिलेगा। काम की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का उद्देश्य प्रशासन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख बनाना है। बदलते समय में नई स्किल्स की जरूरत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि सरकारी कर्मचारी भी लगातार खुद को अपडेट करते रहें।

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