प्रमुख मांगों पर जोर
बैठक में पेंशनर्स ने कई अहम मुद्दों को उठाया। सबसे बड़ी मांग यह रही कि आगामी आठवें केंद्रीय वेतन आयोग में पेंशन का पुनरीक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि महंगाई के अनुरूप पेंशन में बढ़ोतरी हो सके। इसके अलावा पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि को कम कर 11 वर्ष करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
उम्र आधारित पेंशन लाभ
पेंशनर्स ने यह भी सुझाव दिया कि 80 वर्ष की आयु पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ पहले ही चरणों में शुरू किया जाए, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को समय रहते आर्थिक सहारा मिल सके।
डीए/डीआर एरियर को लेकर नाराजगी
कोरोना काल के दौरान रोके गए 18 महीने के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के एरियर का भुगतान भी एक प्रमुख मुद्दा रहा। पेंशनर्स का कहना है कि यह उनका अधिकार है और इसे जल्द जारी किया जाना चाहिए।
यात्रा और सुविधाओं की बहाली की भी मांग
बैठक में रेलवे और हवाई यात्रा में पहले मिलने वाली रियायतों को फिर से लागू करने की मांग उठी। इसके साथ ही विभिन्न जिलों के कोषागारों में पेंशनर्स के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी पर भी चिंता जताई गई। उन्होंने अलग कक्ष और बेहतर व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया।
चिकित्सा और कर संबंधी समस्या को लेकर भी नाराजगी
पेंशनर्स ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों में अनावश्यक आपत्तियों पर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि इलाज के खर्च की वापसी में देरी और जटिल प्रक्रियाएं उन्हें परेशानी में डालती हैं। साथ ही आयकर कटौती को लेकर भी स्पष्ट और सरल व्यवस्था की मांग की गई।

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