सरकार की नई योजना के तहत उद्योग विभाग को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल विभाग बनाया गया है। वहीं, शिक्षा विभाग भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहा है और समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा नियमों में संशोधन कर स्कूल खोलने से जुड़ी जटिलताओं को कम किया जाएगा।
भूमि संबंधी शर्तों में मिल सकती है राहत
वर्तमान व्यवस्था में प्राइवेट स्कूल खोलने के लिए भूमि से जुड़ी शर्तें काफी सख्त हैं। विशेष रूप से केंद्रीय बोर्डों से संबद्धता लेने के लिए बड़ी जमीन की आवश्यकता होती है, जो कई निवेशकों के लिए चुनौती बनती है। प्रस्तावित बदलावों में इन शर्तों को लचीला बनाया जा सकता है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के संस्थान भी स्कूल खोल सकें।
NOC प्रक्रिया होगी आसान
अभी स्कूल संचालन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना और उसका समय-समय पर नवीनीकरण कराना एक जटिल प्रक्रिया माना जाता है। नई नीति में इस प्रक्रिया को सरल बनाने और नवीनीकरण की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इससे स्कूल संचालकों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कम समय देना पड़ेगा और वे शिक्षा की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।
CBSE और ICSE स्कूलों के नियमों में मिल सकती है ढील
वर्तमान में केंद्रीय बोर्ड से संबद्धता के लिए कड़े नियम लागू हैं। CBSE से संबद्ध स्कूल खोलने के लिए कम से कम 1 एकड़ जमीन जरूरी होती है जबकि ICSE बोर्ड से जुड़े स्कूल के लिए लगभग 50 डिसमिल जमीन अनिवार्य है सरकार इन जमीन संबंधी शर्तों को आसान बनाने पर विचार कर रही है, ताकि छोटे शहरों और कस्बों में भी स्कूल खोले जा सकें।

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