क्या है यह परियोजना?
यह रेल लाइन गोरखपुर, कुशीनगर और पडरौना को आपस में जोड़ेगी। इस रूट पर अभी तक यात्रियों के पास केवल सड़क मार्ग का ही विकल्प है। नई रेलवे लाइन बनने के बाद क्षेत्र में परिवहन सुविधाएं काफी आसान और सस्ती हो जाएंगी। फाइनल लोकेशन सर्वे के तहत अब जमीन का विस्तृत निरीक्षण, पिलर मार्किंग और तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर आगे निर्माण कार्य शुरू होगा।
लंबे समय से लंबित था प्रोजेक्ट
इस परियोजना को पहली बार 2016 के रेल बजट में मंजूरी मिली थी। हालांकि, कई सालों तक यह सिर्फ कागजों में ही सीमित रही। हर साल नाम मात्र का बजट देकर इसे जिंदा रखा गया, लेकिन अब जाकर इस पर वास्तविक काम शुरू होने की स्थिति बनी है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम
रेलवे कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ मानी जाती है। इस परियोजना के पूरा होने से व्यापार और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे, छोटे शहरों और कस्बों का विकास होगा, आसपास के गांवों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
बता दें की अब फाइनल लोकेशन सर्वे के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद जमीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू होगी। यदि सब कुछ तय समय पर चलता रहा, तो आने वाले वर्षों में इस रूट पर ट्रेन दौड़ती नजर आ सकती है।

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