जांच में सामने आई गड़बड़ी
जांच में यह पाया गया कि कई शिक्षकों ने नियमों का उल्लंघन किया। कुछ ने एक ही फोटो को कई दिनों तक बार-बार अपलोड किया, जबकि कुछ ने कई तारीखों में अपनी उपस्थिति दर्ज ही नहीं की।
जिन स्कूलों में यह गड़बड़ी पाई गई, उनमें शामिल हैं:
मध्य विद्यालय खरंजा, सदर प्रखंड
मध्य विद्यालय बेला, मदनपुर
मध्य विद्यालय बाजितपुर
उच्च विद्यालय बेरी
सागरपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय
उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेनी कैथी, गोह प्रखंड
प्राथमिक विद्यालय कुशा और हसनबार फुदकी
कन्या मध्य विद्यालय और उच्च विद्यालय गणेशनगर मनिका
जांच रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ शिक्षकों ने 14 फरवरी की फोटो को 17 से 28 फरवरी तक लगातार उपयोग किया। कई मामलों में 4 से 6 फरवरी और 23 से 27 फरवरी तक उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। ऐसे में ये शिक्षक सक के दायरे में आ गए हैं। विभाग ने सभी संबंधित शिक्षकों से 48 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
विभाग की प्रतिक्रिया
शिक्षा विभाग ने कहा कि डिजिटल हाजिरी सिस्टम पारदर्शिता लाने के लिए लागू किया गया था। ऐसे मामलों से न केवल नियमों की अवहेलना होती है बल्कि व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं। विभाग ने साफ किया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी।
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