इसके अलावा, केंद्रीय कृषि और किसान एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुई फसल क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार प्रभावित किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित राज्यों के कृषि विभागों से संपर्क कर नुकसान की विस्तृत जानकारी जुटाएं। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री प्रभावित राज्यों के कृषि मंत्रियों से इस मुद्दे पर चर्चा भी करेंगे, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
कौन-कौन से राज्य प्रभावित
उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और अन्य खड़ी रबी की फसलें प्रभावित हुई हैं। उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में 4,053.11 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें क्षतिग्रस्त होने की खबर हैं। वहीं, पंजाब में भी बेमौसम भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने गेहूं की कटाई को बाधित किया है। हरियाणा के कई हिस्सों में गेहूं और अन्य रबी फसलों में भारी नुकसान की आशंका जताई गई है।
किसानों के सामने चुनौतियां
किसानों का कहना है कि फसल पकने के अंतिम चरण में लगातार बारिश और ओलावृष्टि के कारण कटाई में देरी हो रही है। खेतों में भारी पानी और खराब मौसम के कारण मशीनों को चलाना कठिन हो गया है, जिससे आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ गया है।

0 comments:
Post a Comment