8th Pay Commission: 65 साल रिटायरमेंट और पुरानी पेंशन पर बढ़ी उम्मीद?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बीच उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के संगठनों ने भी वेतन, पेंशन, रिटायरमेंट की उम्र, प्रमोशन, छुट्टियों और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कई अहम प्रस्ताव आयोग के सामने रखे हैं। अगर इन मांगों पर विचार होता है तो आने वाले समय में शिक्षकों की सेवा शर्तों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) के तहत आने वाले केंद्रीय सरकारी स्कूल शिक्षकों के संगठन की नई दिल्ली में बैठक हुई। इसमें केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय समेत विभिन्न सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं और सेवा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।

देशभर के शिक्षकों के लिए समान सुविधाओं की मांग

शिक्षकों के संगठन की प्रमुख मांगों में देशभर में केंद्रीय सरकारी शिक्षकों के लिए वेतन, भत्ते और अन्य सेवा सुविधाओं में एकरूपता शामिल है। संगठन का कहना है कि समान जिम्मेदारी और समान प्रकृति का काम करने वाले शिक्षकों को अलग-अलग नियमों के कारण सुविधाओं में अंतर नहीं होना चाहिए। बैठक में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दिल्ली MCD और NDMC स्कूलों सहित दिल्ली सरकार तथा केंद्र शासित प्रदेशों के सरकारी स्कूलों के प्रतिनिधियों ने अपने मुद्दे रखे।

60 से बढ़ाकर 65 साल करने की मांग

शिक्षकों की सबसे अहम मांगों में से एक रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाना है। संगठन चाहता है कि सरकारी शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए। शिक्षकों का तर्क है कि लंबे अनुभव वाले अध्यापकों की विशेषज्ञता का लाभ शिक्षा व्यवस्था को अधिक समय तक मिल सकता है। उनका मानना है कि अनुभवी शिक्षक विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के साथ-साथ नए शिक्षकों को भी बेहतर प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग

पेंशन को लेकर भी शिक्षकों ने बड़ा मुद्दा उठाया है। संगठन ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि नई पेंशन व्यवस्था में सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले लाभ को लेकर कर्मचारियों में कई तरह की चिंताएं हैं।

प्रमोशन व्यवस्था में बदलाव की मांग

शिक्षकों ने करियर में आगे बढ़ने के लिए प्रमोशन व्यवस्था में बदलाव की भी मांग रखी है। संगठन की ओर से प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति के लिए 50 प्रतिशत प्रमोशनल कोटा निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा 25 प्रतिशत पदों को परीक्षा के माध्यम से प्रमोशन देने की व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। शिक्षकों का मानना है कि इससे योग्य और अनुभवी शिक्षकों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकेंगे।

छुट्टियों को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव

शिक्षकों ने छुट्टियों की व्यवस्था में सुधार की मांग भी की है। प्रस्ताव के अनुसार शिक्षकों को एक साल में 14 कैजुअल लीव, 30 अर्न्ड लीव और 20 मेडिकल लीव देने की मांग की गई है। इसके साथ ही पुरुष शिक्षकों को भी चाइल्ड केयर लीव (CCL) का लाभ देने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि परिवार और बच्चों से जुड़ी जिम्मेदारियों को देखते हुए छुट्टियों की व्यवस्था को अधिक समान और व्यावहारिक बनाया जाना चाहिए।

कैशलेस इलाज और स्वास्थ्य सुविधा

शिक्षकों ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग भी 8वें वेतन आयोग के सामने रखी है। दिल्ली सरकार के शिक्षकों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद DGEHS या CGEHS में से किसी एक स्वास्थ्य योजना का विकल्प देने का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, सेवा के दौरान सभी केंद्रीय सरकारी शिक्षकों को कैशलेस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

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