बिहार में इस सड़क का होगा चौड़ीकरण, इन जिलों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आए हैं। राज्य में बढ़ते यातायात दबाव और सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और नए बाईपास निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन के विस्तार के साथ मुजफ्फरपुर पूर्वी बाईपास के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की गई है।

इसके अलावा पटना से झारखंड सीमा तक एक प्रमुख सड़क मार्ग को फोरलेन करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। इन परियोजनाओं के अमल में आने से बिहार के कई जिलों में आवागमन आसान होने के साथ व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर-बरौनी सड़क के चौड़ीकरण पर जोर

भारत माला परियोजना के तहत मुजफ्फरपुर-बरौनी फोरलेन सड़क के चौड़ीकरण को लेकर प्रक्रिया तेज करने का आग्रह किया गया है। इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर जल्द तैयार करने और इसके बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

इस सड़क के चौड़ीकरण से उत्तर बिहार के प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है। मुजफ्फरपुर और बरौनी के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने से यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर में बनेगा पूर्वी बाईपास

मुजफ्फरपुर के लिए प्रस्तावित पूर्वी बाईपास भी इस योजना का अहम हिस्सा है। इसका उद्देश्य शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर से बेहतर संपर्क स्थापित करना है। बाईपास बनने से भारी वाहनों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से होकर गुजरने की जरूरत कम हो सकती है। इससे शहर में जाम की समस्या घटाने और यात्रा के समय को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नौबतपुर से झारखंड सीमा तक फोरलेन

दूसरी बड़ी परियोजना नौबतपुर से झारखंड सीमा तक सड़क को फोरलेन करने से जुड़ी है। यह मार्ग एनएच-139 से संबंधित है, जो पटना को वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क का हिस्सा है। इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ने और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए सड़क के चौड़ीकरण की जरूरत बताई गई है। प्रस्ताव में नौबतपुर से झारखंड सीमा तक फोरलेन निर्माण के साथ औरंगाबाद, ओबरा और अंबा बाईपास को भी शामिल करने की मांग की गई है।

0 comments:

Post a Comment