चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन! समंदर में गरजेगा भारत का राफेल मरीन फाइटर जेट

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने की दिशा में राफेल मरीन फाइटर जेट अहम भूमिका निभाने वाला है। फ्रांस से खरीदे जा रहे इन लड़ाकू विमानों की गोवा स्थित INS हंसा में टेस्टिंग की जा रही है। इस परीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विमान भारतीय एयरक्राफ्ट कैरियर से आसानी से उड़ान भर सकें और सुरक्षित तरीके से वापस उतर सकें।

INS विक्रांत और विक्रमादित्य से उड़ान भरेंगे विमान

भारतीय नौसेना के पास फिलहाल INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य दो विमानवाहक पोत हैं। राफेल मरीन को इन दोनों युद्धपोतों से संचालन के अनुकूल बनाया जा रहा है। अभी इनसे रूस में बने MiG-29K लड़ाकू विमान संचालित होते हैं। राफेल मरीन में आधुनिक रडार और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम जैसी तकनीकें मौजूद हैं। ये सुविधाएं दुश्मन के खतरों का पता लगाने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अभियान चलाने में मदद करती हैं।

स्की-जंप तकनीक की भी होगी अहम भूमिका

भारत के विमानवाहक पोत स्की-जंप रैंप के जरिए लड़ाकू विमानों को उड़ान भरने में मदद करते हैं। इसके विपरीत, फ्रांस के विमानवाहक पोत पर कैटापुल्ट सिस्टम का इस्तेमाल होता है। इसलिए भारतीय नौसेना के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि राफेल मरीन मौजूदा व्यवस्था के साथ बेहतर तरीके से काम कर सके। इससे पहले जनवरी 2022 में गोवा की परीक्षण सुविधा में राफेल मरीन ने स्की-जंप रैंप से उड़ान भरने की क्षमता का प्रदर्शन किया था।

63 हजार करोड़ रुपये में 26 विमानों का समझौता

भारत और फ्रांस के बीच अप्रैल 2025 में 26 राफेल मरीन विमानों की खरीद के लिए लगभग 63,000 करोड़ रुपये का समझौता हुआ था। इसमें 22 सिंगल-सीटर और चार ट्विन-सीटर विमान शामिल हैं। सौदे में प्रशिक्षण, सिम्युलेटर, हथियार और रखरखाव से जुड़ी सुविधाएं भी शामिल हैं। निर्धारित योजना के अनुसार, विमानों की आपूर्ति 2030 तक पूरी होनी है।

स्वदेशी लड़ाकू विमान आने तक मिलेगी ताकत

भारत भविष्य में स्वदेशी ट्विन इंजन डेक-बेस्ड फाइटर (TEDBF) विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तैयार होने तक राफेल मरीन नौसेना की परिचालन जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। इन विमानों के शामिल होने से समुद्री क्षेत्रों की निगरानी, हवाई सुरक्षा और विमानवाहक पोतों की युद्धक क्षमता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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