इन परियोजनाओं पर कुल 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इससे लोगों का सफर आसान होने के साथ व्यापार, परिवहन और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ये सभी परियोजनाएं वित्त वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल बताई गई हैं।
1. मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क पर खर्च होंगे 8,500 करोड़
पांच परियोजनाओं में सबसे बड़ी योजना मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क की है। करीब 146 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर लगभग 8,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इसके निर्माण से बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होने के साथ अयोध्या और जनकपुर जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इससे धार्मिक पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है।
2. अरवल से बिहारशरीफ तक बनेगी फोरलेन सड़क
दूसरी परियोजना अरवल से बिहारशरीफ के बीच प्रस्तावित है। करीब 89 किलोमीटर लंबी इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए लगभग 3,300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मध्य बिहार और नालंदा क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है। साथ ही, आसपास के इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
3. नौबतपुर-हरिहरगंज सड़क से आवागमन होगा आसान
तीसरी परियोजना नौबतपुर से हरिहरगंज तक सड़क निर्माण और चौड़ीकरण से जुड़ी है। लगभग 88 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इससे पटना, औरंगाबाद और झारखंड की सीमा से जुड़े क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
4. बरियापुर-बिशुनपुर-जमुई सड़क का होगा चौड़ीकरण
चौथी परियोजना बरियापुर से बिशुनपुर-जमुई तक सड़क चौड़ीकरण की है। इससे मुंगेर और जमुई सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है। सड़क की क्षमता बढ़ने से यातायात का दबाव कम करने और माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।
5. छपवा-बेतिया सड़क को बनाया जाएगा फोरलेन
पांचवीं परियोजना छपवा से बेतिया के बीच करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने की है। इस पर लगभग 1,700 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इससे पश्चिम चंपारण और आसपास के इलाकों का सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है। स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों और परिवहन से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
बिहार में विकास को मिलेगी रफ्तार
इन पांचों सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य बिहार में यातायात व्यवस्था को मजबूत करना और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच दूरी व यात्रा की परेशानी कम करना है। बेहतर सड़कें बनने से व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को भी गति मिल सकती है। हालांकि, परियोजनाओं के वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने और सड़कों के चालू होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएंगे।

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