प्याज का गोदाम बनाने पर 75 प्रतिशत सहायता
बिहार सरकार की योजना के तहत 50 मीट्रिक टन क्षमता वाला प्याज भंडारण केंद्र बनाने की निर्धारित लागत ₹6 लाख रखी गई है। इस लागत पर 75 प्रतिशत तक सरकारी सहायता का प्रावधान है। यानी पात्र किसान को अधिकतम ₹4.50 लाख की सब्सिडी मिल सकती है, जबकि शेष ₹1.50 लाख का खर्च किसान को स्वयं उठाना होगा।
इन 28 जिलों के किसानों को मिलेगा मौका
वर्ष 2026-27 की योजना संबंधी जानकारी में बिहार के 28 जिलों को शामिल किया गया है। इनमें औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गयाजी, गोपालगंज, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं।
योजना के तहत एक किसान परिवार को अधिकतम एक प्याज भंडारण संरचना बनाने के लिए सहायता मिल सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी श्रेणियों में 30 प्रतिशत महिला किसानों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी बताया गया है।
प्याज की खेती पर भी मिल सकती है सब्सिडी
प्याज भंडारण के अलावा सरकार की योजना में खेती के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान बताया गया है। रबी सीजन में प्याज की खेती करने वाले पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹20,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसके लिए न्यूनतम 0.10 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक लाभ का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त, हाइब्रिड सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी सहायता मिल सकती है। टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी की खेती पर प्रति हेक्टेयर ₹24,000 तक की सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। इन फसलों के लिए भी 0.10 से 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र पर लाभ दिया जा सकता है।
यहां करें योजना के लिए आवेदन
इच्छुक किसान बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर जाकर प्याज भंडारण संरचना से संबंधित योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले अपने जिले की पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन की समय-सीमा और योजना की मौजूदा स्थिति की पुष्टि जरूर करें।
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