1. केला
केले में पोटैशियम पाया जाता है, जो मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसे नाश्ते या दिन में स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि, केवल केला खाने से रात में ऐंठन रुकने की गारंटी नहीं है।
2. संतरा
संतरे में विटामिन सी, पानी और कुछ पोटैशियम होता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखने और जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराने में मदद करता है। संतरे को साबुत खाना जूस पीने की तुलना में फाइबर के लिहाज से बेहतर है।
3. खरबूजा
खरबूजे में पानी और पोटैशियम मौजूद होते हैं। गर्मी या पसीने के कारण शरीर में पानी की कमी होने पर पानी से भरपूर फल उपयोगी हो सकते हैं। इसे मौसमी फल के तौर पर डाइट में शामिल किया जा सकता है।
4. कीवी
कीवी विटामिन सी, फाइबर और अन्य पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत है। संतुलित आहार में इसका सेवन संपूर्ण स्वास्थ्य को सहारा देता है। हालांकि, पैर की ऐंठन पर इसके सीधे प्रभाव के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।
रात में नस चढ़े तो क्या करें?
अचानक ऐंठन होने पर पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और पंजे को अपनी ओर खींचें। पिंडली की हल्की मालिश या गर्म सिकाई से भी आराम मिल सकता है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और नियमित रूप से हल्की स्ट्रेचिंग करें। अगर रात में बार-बार पैर की नस चढ़ती है, दर्द लंबे समय तक बना रहता है या साथ में सूजन, लालिमा अथवा कमजोरी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

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