एक साल में लाखों छात्रों को मिला लाभ
इस योजना के तहत लॉन्च हुए पोर्टल को छात्रों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। पहले ही साल में लाखों आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से बड़ी संख्या में लोन स्वीकृत किए जा चुके हैं। हजारों करोड़ रुपये की राशि छात्रों को वितरित भी की जा चुकी है, जिससे यह योजना तेजी से लोकप्रिय बनती जा रही है।
क्या है पीएम-विद्या लक्ष्मी योजना?
यह योजना खास तौर पर उन मेधावी छात्रों के लिए है, जिन्हें देश के शीर्ष संस्थानों में दाखिला मिलता है लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई में दिक्कत आती है। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क के तहत आने वाले उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों में एडमिशन लेने वाले छात्रों को इस योजना का लाभ मिलता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें बिना किसी गारंटर के लोन दिया जाता है।
कितना मिलता है लोन और क्या है सब्सिडी?
छात्र इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन ले सकते हैं।
4.5 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को पूरी ब्याज सब्सिडी मिलती है।
4.5 से 8 लाख रुपये आय वाले परिवारों को 3% ब्याज सब्सिडी दी जाती है।
7.5 लाख रुपये तक के लोन पर सरकार क्रेडिट गारंटी भी देती है।
इससे छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाता है।
कितने छात्रों को मिलेगा फायदा?
सरकार ने इस योजना के लिए बड़ा बजट तय किया है और हर साल लाखों छात्रों को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। देश के सैकड़ों शीर्ष संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों को इस योजना से सीधा फायदा मिल रहा है।
कैसे करें आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और आसान है। छात्र सीधे ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। सभी प्रमुख बैंक इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं, आवेदन, ट्रैकिंग और स्वीकृति की प्रक्रिया पारदर्शी है ,ब्याज सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते या डिजिटल माध्यम से दी जाती है।

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