पुरानी पेंशन योजना की बहाली सबसे बड़ी मांग
पेंशनर्स की सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की है। उनका मानना है कि नई पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं है, जिससे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा कमजोर होती है। OPS में रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय मिलती थी, जो बुजुर्गों के लिए अधिक सुरक्षित मानी जाती है।
कम्यूटेशन अवधि घटाने की मांग
वर्तमान व्यवस्था में यदि कोई पेंशनर अपनी पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त लेता है, तो उसकी मूल पेंशन बहाल होने में 15 साल का समय लगता है। पेंशनर्स चाहते हैं कि इस अवधि को घटाकर 11 या 12 साल किया जाए, ताकि उन्हें जल्दी पूरी पेंशन का लाभ मिल सके।
हर 5 साल में पेंशन बढ़ोतरी
बढ़ती महंगाई और उम्र के साथ बढ़ते खर्चों को देखते हुए पेंशनर्स ने मांग की है कि उनकी पेंशन में हर पांच साल में कम से कम 5% की वृद्धि सुनिश्चित की जाए। इससे उन्हें आर्थिक रूप से अधिक स्थिरता मिल सकेगी और जीवन स्तर बेहतर बना रहेगा।
फिटमेंट फैक्टर में सुधार
फिटमेंट फैक्टर वह आधार है, जिसके जरिए पेंशन और वेतन को संशोधित किया जाता है। पेंशनर्स की मांग है कि इसे कम से कम 3.0 किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो न्यूनतम पेंशन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे लाखों पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा।
मेडिकल सुविधाओं में बड़ा सुधार
नॉन-CGHS क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर्स के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹20,000 प्रति माह करने और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं की मांग रखी गई है।

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