सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है, जिसे पूरा करने के लिए अब हर स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।
‘निश्चय-3’ के तहत बड़ा लक्ष्य
राज्य सरकार “निश्चय-3” योजना के तहत दोगुना रोजगार और दोगुनी आय के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस योजना के जरिए युवाओं को नौकरी देने के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
हर विभाग पर सख्त निगरानी
रोजगार सृजन की रफ्तार बढ़ाने के लिए नियोजन, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग ने सभी सरकारी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। अब हर विभाग को यह बताना होगा कि उसने अब तक कितनी नौकरियां और रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।
हर महीने देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी विभाग हर महीने रोजगार से जुड़ी अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं। यह डेटा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दर्ज किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होंगी।
किस तरह का डेटा देना होगा?
विभागों को विस्तृत जानकारी देनी होगी, जिसमें शामिल होगा स्थायी सरकारी नौकरियां (ग्रुप A, B, C), संविदा और आउटसोर्सिंग पद, अलग-अलग वर्गों (SC, ST, EWS, सामान्य) का विवरण। इससे यह साफ होगा कि रोजगार का लाभ किस वर्ग तक कितना पहुंच रहा है।
युवाओं के लिए क्या है इसके मायने?
इस पहल का सीधा फायदा राज्य के युवाओं को मिलेगा। इससे सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे, निजी और स्वरोजगार के भी विकल्प खुलेंगे साथ ही रोजगार प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

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