दो करोड़ से अधिक वाहन अब भी बिना HSRP
प्रदेश में 2019 के बाद रजिस्टर हुए वाहनों में HSRP पहले से अनिवार्य है, लेकिन इससे पहले के करोड़ों वाहन अब भी इस व्यवस्था से बाहर हैं। बार-बार अभियान चलाने और चालान करने के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने अभी तक हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगवाई है। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है।
प्रदूषण जांच से जोड़ा गया नया नियम
अब परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ाते हुए प्रदूषण जांच को HSRP से जोड़ दिया है। यानी अगर वाहन में यह विशेष नंबर प्लेट नहीं लगी होगी, तो PUC सर्टिफिकेट जारी ही नहीं होगा। बिना वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के वाहन चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 10,000 रुपये तक का चालान किया जा सकता है।
तकनीकी स्तर पर की गई तैयारी
इस नियम को प्रभावी बनाने के लिए प्रदूषण जांच पोर्टल में तकनीकी बदलाव किए गए हैं। अब सिस्टम तभी प्रमाणपत्र जारी करेगा, जब वाहन में HSRP की पुष्टि हो जाएगी। इससे नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी और फर्जीवाड़ा भी रुकेगा।
क्या है HSRP और क्यों जरूरी है
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट एक विशेष प्रकार की एल्युमीनियम प्लेट होती है, जिसमें सुरक्षा के लिए होलोग्राम और लेजर कोड मौजूद होता है। इसमें वाहन की अहम जानकारी सुरक्षित रहती है, जिससे चोरी, फर्जी नंबर प्लेट और अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलती है।
वाहन मालिकों के पास अभी भी है मौका
सरकार ने फिलहाल सख्ती लागू करने से पहले वाहन मालिकों को समय दिया है, ताकि वे अपनी गाड़ियों में HSRP लगवा सकें। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या अधिकृत डीलरों के माध्यम से इसे आसानी से बुक किया जा सकता है।

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