हर गांव में दुग्ध संग्रह केंद्र
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि राज्य के हर गांव में दुग्ध संग्रह केंद्र खोले जा रहे हैं। इससे डेयरी सेक्टर को मजबूती मिलेगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही पंचायत स्तर पर ‘सुधा बूथ’ खोलने की योजना भी लागू की जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर दूध की बिक्री और वितरण आसान होगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार
राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। सभी प्रखंडों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को उन्नत कर बेहतर अस्पतालों में बदला जाएगा, जबकि जिला स्तर पर बड़े अस्पतालों को और आधुनिक बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों में इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
महिलाओं को मिला बड़ा सहारा
सीएम ने कहा की सरकार ने महिलाओं के लिए पंचायत और नगर निकायों में 50% आरक्षण लागू किया है। सरकारी नौकरियों में भी 35% आरक्षण की व्यवस्था की गई है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।
शिक्षा और बुनियादी ढांचे में बदलाव
सरकारी स्कूलों के विस्तार और शिक्षकों की भर्ती से शिक्षा व्यवस्था में सुधार हुआ है। साथ ही सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है और सोलर ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
कृषि और उत्पादन में आत्मनिर्भरता
राज्य में कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार रोडमैप पर काम किया जा रहा है। अनाज, फल, दूध और मछली उत्पादन में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है और कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता हासिल की है।
गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ
सड़कों में सुधार के चलते अब लंबी दूरी का सफर आसान हो गया है। कई क्षेत्रों से राजधानी तक पहुंचने का समय काफी कम हुआ है, जिससे व्यापार और आवागमन दोनों को फायदा मिल रहा है।

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