दरअसल, ग्रामीण इलाकों में सिंगल लेन सड़कों पर वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन सड़कों की चौड़ाई कई जगहों पर महज 3.75 से 5 मीटर तक ही है, जिससे दो बड़े वाहनों के आमने-सामने आने पर जाम और दुर्घटना की स्थिति बन जाती है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
100 किमी से अधिक सड़कों का होगा विस्तार
प्रस्ताव के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में 100.3 किलोमीटर सड़कों को डबल लेन बनाया जाएगा। इन सड़कों की चौड़ाई बढ़ाकर 7 से 10 मीटर तक की जाएगी, जिससे यातायात सुगम और सुरक्षित हो सकेगा। जिन प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है, उनमें
नरकटियागंज-बलथर (19 किमी),
रतवल-चखनी-रजवटिया (12 किमी),
बगहा-हरनाटांड़ (17 किमी),
छोटकीपट्टी-रंगलही (14 किमी),
रामनगर-सोमेश्वर (17 किमी),
रामनगर-मेघवल (12 किमी),
साठी-मटियरिया (9.3 किमी) मार्ग शामिल हैं। ये सभी सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। विभाग का मानना है कि सड़कों के चौड़ीकरण से दुर्घटनाओं में काफी कमी आएगी। अभी संकरी सड़कों के कारण अक्सर ओवरटेकिंग के दौरान हादसे होते हैं। डबल लेन बनने के बाद वाहनों के लिए पर्याप्त जगह होगी, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित हो सकेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी सड़कें
इस योजना के तहत सिर्फ सड़क चौड़ीकरण ही नहीं, बल्कि अन्य जरूरी सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है। सड़कों के किनारे जल निकासी के लिए पक्के नाले बनाए जाएंगे, जिससे बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या नहीं होगी। साथ ही पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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