केंद्र और राज्य के बीच बड़ा समझौता
हाल ही में केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच इस योजना को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस मौके पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। इस समझौते का उद्देश्य जल आपूर्ति परियोजनाओं को बेहतर योजना, तय समय सीमा और प्रभावी परिणामों के साथ लागू करना है।
क्या है जेजेएम 2.0?
जल जीवन मिशन को अब दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया गया है और इसे नए स्वरूप “जेजेएम 2.0” के रूप में लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत डिजिटल मॉनिटरिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित होगी, जल आपूर्ति को स्थायी और टिकाऊ बनाया जाएगा
ग्रामीण परिवारों को सीधा फायदा
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण परिवारों को मिलेगा, जिन्हें अब घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। खासतौर पर बुंदेलखंड और विंध्य जैसे क्षेत्रों में पहले से ही बड़ी संख्या में घरों तक नल से जल पहुंच चुका है, जिससे लोगों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर
स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में दूषित पानी से जुड़ी बीमारियों, जैसे इंसेफेलाइटिस, पर नियंत्रण में इस योजना की अहम भूमिका रही है।

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