सख्त निगरानी के लिए विशेष पोर्टल
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य सचिव कार्यालय के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल के जरिए हर शिकायत की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। कब शिकायत दर्ज हुई, उस पर क्या कार्रवाई की गई और अभी कितना काम बाकी है। यह डिजिटल निगरानी प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए और समय पर उसका समाधान हो।
विभागों को स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शिकायतों को प्राथमिकता दें। इसके तहत हर सोमवार और शुक्रवार को आम लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी। वरिष्ठ अधिकारियों को खुद लोगों की समस्याएं सुननी होंगी और उनके समाधान के लिए जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। साथ ही विभागों को अपने स्तर पर शिकायतों की नियमित समीक्षा और निगरानी करनी होगी।
जिलों की भी तय होगी जवाबदेही
नई व्यवस्था के तहत जिलों को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्हें शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी और इसकी रिपोर्ट नियमित रूप से भेजनी होगी। इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और कामकाज में सुधार आएगा।
सीधे शिकायत दर्ज कराने की सुविधा
इस पहल की खास बात यह है कि अब आम लोग सीधे मुख्य सचिव कार्यालय में भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। वे ऑनलाइन माध्यम के अलावा व्यक्तिगत रूप से भी अपनी समस्या रख सकते हैं। साथ ही, विभागों को यह भी बताना होगा कि शिकायत पहले आई थी या नहीं और उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। इससे लंबित मामलों को ट्रैक करना आसान होगा।
पारदर्शिता और तेजी पर जोर दिया जायेगा
सरकार की इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शिकायत निवारण प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। अक्सर देखा जाता था कि शिकायतों के समाधान में देरी होती थी, लेकिन अब तय समयसीमा के कारण यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

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