इस नई पहल के तहत किसानों को “फार्मर आईडी” के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। इस आईडी में किसानों से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी पहले से ही उपलब्ध रहेगी। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और बिना कागजी झंझट के ही उन्हें KCC लोन मिल सकेगा।
फार्मर आईडी से मिलेगा कई तरह का लाभ
फार्मर आईडी सिर्फ लोन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह किसानों के लिए एक डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी। इसमें किसानों की जमीन, फसल और अन्य जरूरी विवरण सुरक्षित रहेंगे। इसके जरिए सरकार प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़ और सूखा की स्थिति में भी किसानों तक तेजी से राहत पहुंचा सकेगी।
75 लाख किसानों को होगा सीधा फायदा
इस योजना के तहत शुरुआत में 75 लाख से अधिक किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जो पहले से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे हैं। इससे राज्य के लाखों किसानों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा। कृषि विभाग भी इस कार्य को तेजी से पूरा करने में जुटा हुआ है।
2 करोड़ किसानों को जोड़ने की तैयारी
बिहार सरकार का लक्ष्य सिर्फ सीमित संख्या तक नहीं है। एकीकृत डिजिटल किसान सेवा मंच (बिहार कृषि एप) से अब तक लाखों किसान जुड़ चुके हैं, लेकिन आने वाले समय में इस प्लेटफॉर्म से 2 करोड़ से अधिक किसानों को जोड़ने की योजना है। इस एप के जरिए किसानों को मौसम, सरकारी योजनाओं और खाद की उपलब्धता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी मिल रही है।
एआई तकनीक से मिलेगा स्मार्ट कृषि परामर्श
इस पहल में आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। अब किसानों को एक ही मंच पर एआई आधारित सलाह मिल सकेगी। इससे खेती से जुड़े निर्णय लेना आसान होगा और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, चैटबॉट जैसी सुविधाएं किसानों को तुरंत समाधान देने में सक्षम होंगी।
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