यूपी में दूध उत्पादकों के लिए बड़ा फैसला, सभी जिलों में होगा लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दूध उत्पादकों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने सहकारी समितियों से जुड़े लाखों किसानों को बड़ी राहत देते हुए दुग्ध मूल्य भुगतान को पूरी तरह डिजिटल बनाने का निर्णय लिया है। अब भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ेंगी।

1 अप्रैल से लागू होगी नई व्यवस्था

दुग्ध विकास विभाग ने फैसला किया है कि 1 अप्रैल से सभी दुग्ध संघों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली लागू कर दी जाएगी। इस कदम के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जिससे पूरे राज्य में एक समान भुगतान प्रणाली लागू हो सके।

अब खत्म होगी देरी और गड़बड़ी

अब तक कई जगहों पर दूध का भुगतान नकद या समिति स्तर पर किया जाता था। कुछ स्थानों पर बैंकिंग प्रणाली थी, लेकिन उसमें भी देरी, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं सामने आती थीं। नई DBT व्यवस्था लागू होने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक छुटकारा मिलने की उम्मीद है।

बिचौलियों और कमीशनखोरी पर रोक

पुरानी व्यवस्था में कई बार बिचौलियों की भूमिका को लेकर विवाद होते थे। किसानों को भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था और कमीशन की शिकायतें भी सामने आती थीं। अब सीधे बैंक खाते में पैसा आने से इस तरह की अनियमितताओं पर लगाम लगेगी।

डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता

नई प्रणाली में हर भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे निगरानी और ऑडिट आसान हो जाएगा। इससे न सिर्फ सिस्टम पारदर्शी बनेगा, बल्कि दुग्ध उत्पादकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

सहकारी समितियों की जवाबदेही बढ़ेगी

सीधे खाते में भुगतान होने से दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली भी अधिक जवाबदेह बनेगी। यह कदम पूरे डेयरी सेक्टर को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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