गरीब से अमीर तक सब कवर! केंद्र सरकार का बीमा पर तगड़ा प्लान

नई दिल्ली। देश में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार बड़े स्तर पर काम कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में बताया कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में हर नागरिक तक बीमा सुविधा पहुंचाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्ष 2033 तक देश की पूरी आबादी को बीमा कवर के दायरे में लाया जा सकता है।

सरकार की कई योजनाएं खासतौर पर गरीब और कमजोर वर्ग के लिए बनाई गई हैं। उदाहरण के तौर पर, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना बेहद कम प्रीमियम में बीमा कवर देती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी सुरक्षा के दायरे में आ सकें।

इसके अलावा आयुष्मान भारत के तहत करोड़ों परिवारों को हर साल स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा रहा है। इस योजना के जरिए अस्पताल में भर्ती होने पर बड़े खर्च से राहत मिलती है। हाल ही में इस योजना का विस्तार कर वरिष्ठ नागरिकों को भी इसमें शामिल किया गया है।

तेजी से बढ़ रहा है बीमा कवरेज

सरकार के प्रयासों का असर अब दिखने लगा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 के दौरान देश में करीब 58 करोड़ लोग किसी न किसी बीमा योजना से जुड़े हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे साफ है कि बीमा क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है।

हेल्थ इंश्योरेंस बना प्राथमिकता

सरकार ने साफ किया है कि हेल्थ इंश्योरेंस अब उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। आम लोगों के लिए इसे सस्ता और सुलभ बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें प्रीमियम पर टैक्स राहत, कवरेज बढ़ाना और नियमों को सख्त बनाना शामिल है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

बीमा बाजार को मजबूत करने की योजना

बीमा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ावा देने के कदम भी उठाए हैं। इससे नई कंपनियों के आने और सेवाओं के विस्तार की उम्मीद है। साथ ही बीमा नियामक Insurance Regulatory and Development Authority of India ग्रामीण और कमजोर वर्गों तक बीमा पहुंचाने के लिए लगातार नए नियम और योजनाएं लागू कर रहा है।

बीमा कंपनियों पर सख्ती

सरकार केवल योजनाएं ही नहीं बना रही, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रही है कि बीमा कंपनियां नियमों का पालन करें। पिछले कुछ वर्षों में नियमों के उल्लंघन पर कई कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।

अभी भी है बड़ी चुनौती

हालांकि बीमा क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है, लेकिन अभी भी प्रति व्यक्ति प्रीमियम वैश्विक औसत से काफी कम है। इसका मतलब है कि देश में बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए अभी और काम करने की जरूरत है।

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