नीतीश कुमार ने रचा इतिहास: बिहार के 5 दिग्गज राजनेताओं के क्लब में एंट्री

पटना। बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के बाद एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो बेहद कम नेताओं को नसीब होता है। अब वे उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने देश के चारों सदनों विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा की सदस्यता हासिल की है।

इस उपलब्धि के साथ उन्होंने बिहार के पांच दिग्गज नेताओं की बराबरी कर ली है, जो पहले ही इस खास क्लब का हिस्सा बन चुके हैं। इस विशेष सूची में पहले से शामिल नेताओं में नागमणि, लालू प्रसाद यादव, सुशील कुमार मोदी, रामकृपाल यादव और सरफराज अहमद जैसे नाम शामिल हैं।

चारों सदनों तक पहुंचने वाले बिहार के नेता

नागमणि: समाज सुधारक जगदेव प्रसाद के पुत्र नागमणि ने कई दलों में रहते हुए लंबा राजनीतिक सफर तय किया। विधायक, सांसद, विधान परिषद सदस्य और राज्यसभा सदस्य के रूप में उन्होंने हर स्तर पर काम किया।

लालू प्रसाद यादव: बिहार के सबसे चर्चित नेताओं में से एक, लालू यादव 1977 में लोकसभा के सबसे युवा सांसद बने। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने लंबे समय तक राज्य की राजनीति को प्रभावित किया। और ये भी चारों सदनों में रहें।

सुशील कुमार मोदी: छात्र राजनीति से शुरुआत कर उपमुख्यमंत्री तक का सफर तय करने वाले सुशील मोदी ने भी चारों सदनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वे भाजपा के प्रमुख चेहरों में रहे।

रामकृपाल यादव: रामकृपाल यादव ने नगर निकाय से राजनीति शुरू कर संसद तक का सफर तय किया और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। ये भी चारों सदनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सरफराज अहमद: झारखंड-बिहार क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय सरफराज अहमद भी इस विशेष सूची में शामिल रहे हैं और विभिन्न सदनों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं।

नीतीश कुमार की उपलब्धि क्यों खास?

नीतीश कुमार का यह मुकाम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे लंबे समय से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं। मुख्यमंत्री के रूप में उनकी पहचान विकास और सुशासन की राजनीति से जुड़ी रही है। अब चारों सदनों का अनुभव उनके राजनीतिक करियर को और भी मजबूत बनाता है।

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