केंद्र सरकार के 3 बड़े फैसले, गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सूचना

नई दिल्ली। देश में एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति पर दबाव बढ़ने के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर होटल और व्यवसायों तक देखा जा रहा है। ऐसे में सरकार ने संकट से निपटने के लिए तीन बड़े फैसले लिए हैं।

1. PNG परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि पाइप के जरिए घरों तक गैस पहुंचाने वाली PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) परियोजनाओं को जल्द से जल्द मंजूरी दी जाए। इसका उद्देश्य एलपीजी पर निर्भरता कम करना और लोगों को स्थायी गैस विकल्प उपलब्ध कराना है। इससे भविष्य में ऐसे संकटों से राहत मिल सकती है।

2. उपभोक्ताओं को वैकल्पिक विकल्प अपनाने की सलाह

सरकार ने गैस उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे एलपीजी के बजाय PNG या अन्य विकल्पों का इस्तेमाल बढ़ाएं। साथ ही इंडक्शन कुकर जैसे इलेक्ट्रिक उपकरणों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे घरेलू गैस की मांग कम होगी और जरूरी जरूरतों के लिए सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी।

3. कॉमर्शियल उपयोग पर नियंत्रण और प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ताओं को

स्थिति को देखते हुए शुरुआत में होटल और रेस्तरां जैसे कॉमर्शियल सेक्टर के लिए एलपीजी आपूर्ति सीमित कर दी गई थी। हालांकि बाद में इसे आंशिक रूप से बहाल किया गया। सरकार का फोकस साफ है घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देना ताकि आम लोगों की रसोई प्रभावित न हो।

सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार के प्रयास

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। हाल के दिनों में सिलेंडर वितरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और घरेलू उत्पादन भी पहले के मुकाबले काफी बढ़ाया गया है। इसके बावजूद घबराहट में बढ़ी बुकिंग एक चुनौती बनी हुई है।

सप्लाई और मांग के अहम आंकड़े

13 मार्च को LPG बुकिंग अचानक बढ़कर 87.7 लाख तक पहुंच गई। 

बाद में यह घटकर लगभग 70 लाख रह गई। 

सामान्य स्थिति में यह आंकड़ा करीब 55 लाख होता था। 

13 मार्च को 62.5 लाख सिलेंडर वितरित किए गए। 

14 मार्च को 60 लाख सिलेंडर बांटे गए। 

पहले औसतन यह संख्या करीब 50 लाख थी। 

घरेलू LPG उत्पादन में 5 मार्च के मुकाबले 38% की बढ़ोतरी की गई

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