1 .आज फिर ए तन्हाई लग जा गले,
के तुझसे लिपट के रोने का बहुत दिल है।
एक तू ही तो है हमसाया जिंदगी का मेरी,
वरना यहां तो हर रिश्ता, मेरी रूह का कातिल है।
2 .किसी को नजरों में ना बसाओ,
क्योकि नजरों में सिर्फ “सपने” बसते हैं,
बसाना ही हैं तो दिल में बसाओ,
क्योकि दिल में सिर्फ “अपने” बसते हैं।
3 . “कुछ बातें “अधूरी” रहे तो ही अच्छा है,
बातें पूरी होने पर अक्सर रिश्ते “ख़तम” हो जाते हैं।
4 .मरम्मत रिश्तों की ,होनी चाहिए कभी-कभार
वरना ज़रा-सी आंधिया ही ,इन्हे कर देंगी बेकार।
5 .एहसास-ए-आरज़ू को दिल से मिटा न सकोगे
भूलना चाहो हमें भुला न सकोगे
ये चिराग़-ए-दोस्ती दिल से जलाया है हमने
जल जाओगे मगर इसे बुझा ना सकोगे।

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