खबर के अनुसार इस फाइटर जेट में अत्याधुनिक तकनीक, स्टील्थ क्षमताएं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत अवेयरनेस सिस्टम शामिल होंगे। साथ ही इसमें उन्नत एयरफ्रेम डिजाइन, अत्याधुनिक एविओनिक्स, और स्वदेशी हथियार प्रणालियों का प्रयोग किया जाएगा।
इसके अलावा, यह सुपरसोनिक क्रूजिंग, लंबी रेंज और बेहतर हवाई लड़ाई क्षमताओं के लिए भी तैयार किया जा रहा हैं। भारत करीब 15,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत सेना में 200 से ज़्यादा स्टील्थ जेट विमानों को शामिल कर सकता है।
दरअसल दुनिया में अबतक जितने भी फाइटर जेट हैं जो 5वीं पीढ़ी के हैं। लेकिन भारत 5.5 पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट बना हैं। ये कई मामलों में 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट से बेहतर होगा। भारत का यह प्रयास न केवल स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए है, बल्कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

0 comments:
Post a Comment