कितनी बढ़ेगी ग्रुप-D की सैलरी? 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी चर्चा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासतौर पर ग्रुप-D (लेवल-1) कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग के लागू होने पर उनकी सैलरी में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिलेगा। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विभिन्न रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुमान से संभावित तस्वीर सामने आ रही है।

20% से 35% तक बढ़ सकती है सैलरी

माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर ग्रुप-D कर्मचारियों की सैलरी में करीब 20 से 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, जो बढ़कर ₹21,000 से ₹30,000 के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

फिटमेंट फैक्टर होगा अहम

वेतन वृद्धि का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह 1.92 से 3.0 के बीच रह सकता है। यदि फिटमेंट फैक्टर 2.57 के आसपास रहता है, तो बेसिक सैलरी करीब ₹26,000 तक पहुंच सकती है। वहीं अगर इसे 3.0 तक बढ़ाया जाता है, तो न्यूनतम सैलरी ₹30,000 तक जा सकती है।

कर्मचारी संगठनों की बड़ी मांग

कई कर्मचारी संगठनों की ओर से न्यूनतम बेसिक सैलरी को ₹54,000 तक करने की मांग भी उठाई गई है। हालांकि इस पर सरकार की ओर से अभी कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है।

कुल सैलरी कितनी हो सकती है?

सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्तों को जोड़ने पर कुल वेतन में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि एक ग्रुप-D कर्मचारी की ग्रॉस सैलरी ₹40,000 से ₹50,000 के बीच पहुंच सकती है।

DA भी निभाएगा अहम रोल

महंगाई भत्ता वेतन वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुमान है कि जनवरी 2026 तक DA करीब 60% तक पहुंच सकता है, जिससे कर्मचारियों की कुल आय में और इजाफा होगा।

कब लागू हो सकता है नया वेतन आयोग?

संभावना जताई जा रही है कि 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। हालांकि अभी तक सरकार ने इसके गठन या नई वेतन संरचना को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, इसलिए सभी आंकड़े फिलहाल संभावनाओं पर आधारित हैं।

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