तेल में जबरदस्त उछाल
सोमवार को कच्चे तेल की कीमत में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 7.5% बढ़कर 72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया के 20% समुद्री तेल व्यापार का मार्ग है, पर टैंकरों की आवाजाही में दिक्कत आ रही है।
सोना-चांदी की कीमतें बढ़ी
भू-राजनीतिक संकट के कारण सोने-चांदी की कीमतों में उछाल आया। एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1,69,645 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2,96,133 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर इन धातुओं की ओर आकर्षित हुए।
डॉलर की पकड़ भी मजबूत
करेंसी मार्केट में अमेरिकी डॉलर ने मजबूती दिखाई। यूरो और पाउंड में करीब 0.7% गिरावट दर्ज हुई। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भू-राजनीतिक संकट में डॉलर की सेफ-हेवन भूमिका और बढ़ जाती है।
शेयर बाजार में भारी गिरावट
वैश्विक शेयर बाजार भी इस उथल-पुथल से अछूते नहीं रहे। बीएसई सेंसेक्स 1048.34 अंकों की गिरावट के साथ 80,238.85 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 300 अंकों से अधिक नीचे गया। यूरोप और अमेरिका के प्रमुख सूचकांक भी कमजोर हुए। बैंकिंग, ट्रैवल और टेक्नोलॉजी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
निवेशकों और आम जनता के लिए सतर्कता जरूरी
जानकारों की सलाह है कि इस समय निवेशक सावधानी बरतें और वैश्विक बाजारों की हलचल पर नजर रखें। यदि मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा चला तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे न सिर्फ ईंधन और परिवहन के खर्च में वृद्धि होगी, बल्कि खाद्य और दैनिक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में भी तेजी आएगी।

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