इजरायल ने उतारा 'लेजर हथियार', युद्ध में अब नया धमाका!

न्यूज डेस्क। मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ता ही जा रहा है और इजरायल ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम में एक नई तकनीक का इस्तेमाल करके दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ईरान और लेबनानी गुट हिज़बुल्लाह के साथ चल रहे संघर्ष में इजरायल ने आयरन बीम लेजर को सक्रिय किया है, जिसके जरिए पहली बार सफलता के साथ ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोका गया।

आयरन बीम लेजर की ताकत

इजरायल की नई तकनीक छोटे और मोबाइल यूनिट्स में फिट की जा सकती है। इस लेजर की रेंज लगभग 10 किलोमीटर है और इसे इस्तेमाल करना महंगा नहीं है। यही वजह है कि यह ईरानी ड्रोन जैसे शाहिद 136 को रोकने में मिसाइल इंटरसेप्टर के मुकाबले किफायती विकल्प बन गया है।

यरूशलम पोस्ट के मुताबिक, इस लेजर के इस्तेमाल से इजरायल की एयर डिफेंस प्रणाली, जो आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो के मल्टी-टियर सिस्टम का हिस्सा है, की क्षमता और बढ़ गई है। अब शॉर्ट-रेंज हमलों का मुकाबला जल्दी और कम लागत में किया जा सकता है।

सीमाएं और चुनौतियां

हालांकि लेजर प्रणाली में कुछ कमियां भी हैं। जमीन से लॉन्च होने वाले लेजर को भू-रुकावटें रोक सकती हैं। इसका मतलब यह है कि बिल्डिंग, पहाड़ या अन्य बाधाओं के पार से हमला करना मुश्किल होता है। साथ ही खराब मौसम और धूल जैसी चीजें भी लेजर की प्रभावकारिता को प्रभावित कर सकती हैं। उड़ते हुए लक्ष्य या तेज़ गति वाले ड्रोन को नष्ट करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है क्योंकि लेजर को लक्ष्य पर कुछ समय तक फोकस बनाए रखना पड़ता है।

भविष्य की दिशा

इजरायल के लेजर सिस्टम ने पिछले कुछ सालों में महत्वपूर्ण तरक्की की है। उनके पास 10Kw से लेकर 50Kw तक के हाई-एनर्जी लेजर हैं। विशेष रूप से आयरन बीम-M को मोबाइल यूनिट में लगाया जा सकता है और इसे गाड़ियों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह स्पष्ट संकेत है कि भविष्य के युद्धों में लेजर हथियार की भूमिका बेहद अहम होने वाली है।

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