8वें वेतन आयोग: ग्रेड-पे 1900 वालों की कितनी होगी नेट सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर लेवल-2 (ग्रेड पे 1900) में आने वाले कर्मचारी यह जानने को उत्सुक हैं कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी सैलरी में कितना इजाफा होगा और आखिरकार हाथ में कितनी रकम आएगी। हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर एक अनुमान जरूर लगाया जा सकता है।

वर्तमान में लेवल-2 कर्मचारियों का बेसिक पे ₹19,900 है, जो 7th Pay Commission की सिफारिशों के तहत तय किया गया था। अब चर्चा है कि 8th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर 1.90 से 2.86 के बीच हो सकता है। कई रिपोर्टों में 1.92 के आसपास का आंकड़ा संभावित माना जा रहा है। यदि 1.92 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो ₹19,900 का मौजूदा बेसिक बढ़कर लगभग ₹38,208 हो सकता है।

संशोधित बेसिक पे के साथ अन्य भत्ते भी जुड़ते हैं। मकान किराया भत्ता (HRA) शहर की श्रेणी के अनुसार तय होता है। अनुमान के तौर पर यह करीब ₹9,170 हो सकता है। वहीं यात्रा भत्ता (TA), जो शहर और पे-लेवल पर निर्भर करता है, लगभग ₹1,350 जोड़ा जा सकता है। इन सभी को मिलाकर कुल ग्रॉस सैलरी लगभग ₹48,728 तक पहुंच सकती है।

हालांकि ग्रॉस सैलरी ही अंतिम हाथ में आने वाली रकम नहीं होती। इसमें से कुछ अनिवार्य कटौतियां भी होती हैं। संशोधित बेसिक का 10 प्रतिशत राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत जमा किया जाता है, जो इस स्थिति में लगभग ₹3,821 बनता है। इसके अलावा CGHS का लगभग ₹250 का योगदान भी देना होता है। इन कटौतियों के बाद अनुमानित नेट सैलरी करीब ₹44,657 रह सकती है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस पूरी गणना में महंगाई भत्ता (DA) को शून्य माना गया है। परंपरा के अनुसार जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो DA को रीसेट कर दिया जाता है और फिर नई दरों के आधार पर इसकी गणना शुरू होती है। इसलिए शुरुआत में बेसिक और अन्य भत्तों के आधार पर ही सैलरी तय होती है।

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