1. संकट की गंभीरता
पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और पिछले 2–3 हफ्तों में इस पर भारत सरकार ने सभी आवश्यक जानकारी संसद को उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस संकट के जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।
2. भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि
प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में हर भारतीय को आवश्यक मदद प्रदान की जा रही है। अब तक लगभग 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।
3. हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति
पीएम मोदी ने हॉर्मुज स्ट्रेट में लगी पाबंदियों को अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का दृष्टिकोण तनाव समाप्त होने की दिशा में है।
4. आर्थिक और व्यापारिक चुनौती
प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्धरत और प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध हैं। इस क्षेत्र से भारत की कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आता है, इसलिए युद्ध का सीधा असर देश की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।
5. रणनीतिक तेल भंडारण
पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने संकट के समय के लिए पेट्रोलियम का रणनीतिक भंडार तैयार रखा है। वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन का रिज़र्व मौजूद है और 65 लाख मीट्रिक टन का अतिरिक्त भंडारण तैयार करने पर काम चल रहा है।
6. आपातकालीन हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में 24x7 कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की है। इससे सभी प्रभावितों को त्वरित जानकारी और मदद मिल रही है।
7. मानवीय दृष्टिकोण
पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के दौरान हुए दुखद मामलों में प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है। भारतीय मिशनों ने लगातार एडवाइजरी और मार्गदर्शन जारी किया।
8. सरकार की सतर्कता
प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर प्रकार की सहायता देने के लिए सतर्क और तत्पर है। पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को यथासंभव प्रभावित न होने देने का प्रयास किया जा रहा है।
9. अंतरराष्ट्रीय कूटनीति
पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पश्चिम एशियाई राष्ट्राध्यक्षों से कई बार फोन पर बातचीत की है। सभी राष्ट्राध्यक्षों ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया।
10. एकमत और संयुक्त प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संसद से इस संकट पर एकजुट और एकमत आवाज दुनिया में जाएगी, ताकि संघर्ष का शांतिपूर्ण और जल्दी समाधान सुनिश्चित हो सके।

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