सोने की वैल्यू बनाम बैंक और शेयर बाजार
रिपोर्ट के अनुसार, बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप सोमवार को लगभग 420 लाख करोड़ रुपये था, जबकि बैंक में जमा कुल राशि दिसंबर 2025 तक केवल 253 लाख करोड़ रुपये थी। इसका मतलब साफ है: घरों में रखे सोने की वैल्यू, बैंक और शेयर बाजार की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है।
सोने का घरेलू महत्व
भारतीय परिवारों की गैर-संपत्ति संपत्ति में सोने की हिस्सेदारी करीब 65% हो गई है। यह बैंक जमा और शेयरों के संयुक्त मूल्य का 175% है। मार्च 2019 में परिवारों के पास सोने की कुल वैल्यू 109 लाख करोड़ रुपये थी, जो जनवरी 2026 तक चार गुना बढ़कर 445 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
अर्थव्यवस्था पर असर
हालांकि यह निवेश भारतीय घरों की संपत्ति को मजबूत करता है, लेकिन इसका देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव भी है। अधिकांश सोने की मांग आयात के जरिए पूरी होती है, जिससे आरबीआई के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। लगातार उच्च स्तर पर सोने का आयात वित्तीय बचत को भौतिक संपत्ति में बदलता है, जो दीर्घकालिक आर्थिक संतुलन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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