बिहार में बसेगी नई टाउनशिप: 11 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में शहरीकरण को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी पटना समेत 11 शहरों के आसपास ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बसाने की योजना पर काम तेज हो गया है। क्षेत्र चिन्हित करने के बाद अब सबसे अहम चरण भूमि अधिग्रहण और भू-स्वामियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

जमीन अधिग्रहण की होगी सख्त प्रक्रिया

नई टाउनशिप के लिए जमीन लेने से पहले प्रत्येक भू-स्वामी का सत्यापन किया जाएगा। बिहार शहरी आयोजना स्कीम के तहत जमीन के स्वामित्व, दस्तावेज और अन्य कानूनी पहलुओं की पूरी जांच की जाएगी। साथ ही भूमि मालिकों की संख्या और स्वीकृत हिस्सेदारी का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और निबंधन विभाग की भी अहम भूमिका रहेगी।

डीएम की अगुवाई में बनेगी निगरानी समिति

परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक सलाहकार समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता संबंधित जिले के डीएम करेंगे। यह समिति टाउनशिप की योजना, सीमाओं के निर्धारण, जन सुविधाओं की निगरानी और भूमि पुनर्वितरण जैसे महत्वपूर्ण फैसले लेगी। इसके अलावा, नगर निकायों के अधिकारी, नगर नियोजक, भू-अर्जन पदाधिकारी और कई विभागों के प्रतिनिधि भी इस समिति का हिस्सा होंगे।

टाउनशिप विकसित करने के लिए डेवलपर्स का होगा चयन

टाउनशिप विकसित करने के लिए निजी और सरकारी डेवलपर्स का चयन किया जाएगा। यह जिम्मेदारी नगर विकास विभाग द्वारा नामित विकास प्राधिकरण को सौंपी जाएगी, जो पूरी परियोजना की निगरानी भी करेगा।

जमीन मालिकों से मांगे जाएंगे सुझाव, शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा

सरकार इस परियोजना को पारदर्शी बनाने के लिए भूमि मालिकों और अन्य हितधारकों की राय भी लेगी। राजपत्र में प्रकाशन के बाद दो महीने के भीतर लोग अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इसके बाद ही अंतिम योजना को मंजूरी दी जाएगी।

इन सैटेलाइट टाउनशिप के बनने से न केवल शहरों का दबाव कम होगा, बल्कि बेहतर आवास, सड़क, जल और अन्य सुविधाओं के साथ नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। खासतौर पर पटना और आसपास के क्षेत्रों में यह परियोजना तेजी से बढ़ती आबादी के लिए राहत साबित हो सकती है।

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