कैसे काम करेगा यह नया टोल सिस्टम?
यह नई व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित होगी, जिसमें कई आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे, FASTag आधारित RFID सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एनालिटिक्स शामिल होंगे। इस सिस्टम के तहत वाहन को टोल प्लाजा पर रोकने की जरूरत नहीं होगी। कैमरे और FASTag रीडर वाहन की पहचान कर अपने आप टोल शुल्क वसूल लेंगे।
लॉजिस्टिक्स लागत कम करने पर जोर
गडकरी ने कहा कि भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना बेहद जरूरी है। वर्तमान में भारत की लॉजिस्टिक्स लागत लगभग 16 प्रतिशत है, जिसे घटाकर एकल अंक में लाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेसवे और आर्थिक गलियारों के विकास से यह लागत पहले ही 10 प्रतिशत तक कम हुई है। अमेरिका और यूरोपीय देशों की तुलना में भारत अभी भी इस क्षेत्र में सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ऊर्जा और ईंधन पर भी फोकस
कार्यक्रम में गडकरी ने यह भी कहा कि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे देश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने बायो-फ्यूल और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बताते हुए कहा कि इसे अधिक किफायती और व्यवहारिक बनाने की जरूरत है, ताकि यह आम लोगों के उपयोग में आ सके।
भारत की आर्थिक दिशा पर नजर
गडकरी ने यह भी कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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