1. फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव
कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की मांग की है, जो वेतन निर्धारण का सबसे अहम आधार है। मौजूदा 2.57 के मुकाबले इसे 2.62 से 3.83 या उससे अधिक करने का प्रस्ताव दिया गया है। कुछ संगठनों ने इसे सीधे 4 तक बढ़ाने की मांग रखी है। इससे मूल वेतन में बड़ा इजाफा संभव है।
2. सालाना वेतन वृद्धि और DA मर्जर
महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों ने सालाना वेतन वृद्धि को 3% से बढ़ाकर 6% से 7% करने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी प्रस्ताव दिया गया है कि जब महंगाई भत्ता (DA) 50% तक पहुंचे, तो उसे मूल वेतन में जोड़ दिया जाए।
3. भत्तों में बढ़ोतरी की मांग
कर्मचारी संगठनों ने विभिन्न भत्तों में सुधार की मांग भी उठाई है। HRA को 12%, 24% और 36% तक बढ़ाने का प्रस्ताव, ट्रांसपोर्ट अलाउंस को न्यूनतम ₹9,000 करने की मांग, चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस को ₹7,000 प्रति बच्चा करने की सिफारिश, तकनीकी युग को देखते हुए ₹2,000 का नया डिजिटल सपोर्ट अलाउंस।
4. रिटायरमेंट और पुरानी पेंशन योजना (OPS)
सबसे अहम मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली शामिल है। इसके अलावा अर्जित अवकाश नकदीकरण सीमा 300 से बढ़ाकर 400 दिन करने की मांग, ग्रेच्युटी सीमा को ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख करने का प्रस्ताव, बेहतर ग्रुप इंश्योरेंस और करियर में तेजी से प्रमोशन की व्यवस्था।

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